खुद को सुरक्षित रखने के लिए हरदम मास्क लगाना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी

प्रदेश के खनिज, साधन एवं श्रम विभाग मंत्री बृजेन्द्र सिंह ने आज बुधवार को छतरपुर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला आपदा प्रबंधन समिति तथा जिलाधिकारियों के साथ जिले में कोरोना आपदा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी और जरूरी औषधि की उपलब्धता के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी है। सरकार हर मुमकिन कोशिश कर रही है। ऑक्सीजन के लिए नरसिंहपुर जिले से भी व्यवस्था बनी है। शासन द्वारा भेजे गए 85 रेमडेसिविर इंजेक्शन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने कहा रोग की प्राथमिकता तय करते हुए ही रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया जाए।

बृजेन्द्र सिंह ने कहा कि कोरोना संक्रमण को तोड़ने के लिए जरूरी है कि लोगों में जागरूकता लाएं, जिससे नागरिक घर में रहे और हरदम मास्क लगाए रखें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हाथों को साफ भी करें। इसके लिए समग्र समाज और जागरूक व्यक्ति, जनप्रतिनिधि मिलकर आगे आएं। विश्वव्यापी आपदा के संकट की इस घड़ी में समाज के सभी लोगों का सहयोग जरूरी है। इसी भावना से कार्य करते हुए कोरोना पर विजय प्राप्त की जा सकती है।  
बैठक में विधायक बड़ामलहरा प्रद्युम्न सिंह लोधी, बिजावर राजेश (बबलू) शुक्ला, महाराजपुर नीरज दीक्षित, पूर्व मंत्री ललिता यादव, कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा, जिलाधिकारी सहित सांसद एवं विधायक प्रतिनिधि और जिला आपदा प्रबंध समिति के सदस्य उपस्थित थे।
खनिज मंत्री ने कहा कि बढ़ते कोरोना के प्रभाव को रोकने और स्थिर करने के लिए जरूरी है कि जनता कर्फ्यू लगाएं और हर नागरिक इसमें सहयोग करें। उन्होंने कहा कि कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए हर एक व्यक्ति का प्राथमिकता से टीकाकरण हो। टीकाकरण कराने और मास्क पहनने के लिए लोगों जागरूक करें और इस कार्य में जनप्रतिनिधि भी आगे आएं और समाज के सहयोग से लोगों को प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि लोगों में व्याप्त डर को खत्म करने के लिए समाज के सभी जागरूक व्यक्ति, जनप्रतिनिधि और सेवाभावी लोगों के साथ वॉलंेटियर्स भी योगदान करें। कोविड संक्रमण 100 फीसदी ठीक होने वाला रोग है। जरूरी है कि इसका पता चले और समुचित उपचार हो। इसके लिए रोगी की जांच तत्परता से की जाए, जिससे रोगी व्यक्ति के मन का भय दूर हो। उन्होंने कहा कि बढ़ते रोगी की संख्या को नियंत्रण करने के लिए जरूरी है कि अधिक से अधिक रैपिट टेस्ट हो, जिससे रोगी को पता चल सके। वह किस रोग से बीमार है जिससे उसका समुचित इलाज करने में मदद मिले।
बैठक में कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि चिकित्सालय में बढ़ते रोगी संख्या को कम करने के लिए संजीवनी अभियान नवरात्रि से शुरू किया गया है। इस अभियान मंे घर-घर जाकर सर्वे करते हुए सर्दी, खांसी, बुखार की जानकारी लेते हुए जरूरत होने पर टेस्ट के रोगी के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिससे उसी दिन से रोगी व्यक्ति का उपचार होने लगे और उसे मेडिकल सलाह भी मिल सके। इस अभियान से जिला चिकित्सालय का भार कम होगा और रोगी को न देखने की शिकायत में कमी आएगी। जिला चिकित्सालय में हेल्पलाइन नम्बर 1075 के अलावा 9425304451 और 9425304457 नम्बर पर प्रातः 8 से रात्रि 10 बजे तक परामर्श लिया जा सकेगा।
पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने स्थापित किए गए वार रूम की जानकारी देते हुए बताया कि 70 ग्रामों के लोगों से कोरोना कर्फ्यू लगाने के संबंध मंे चर्चा हुई है। ग्रामवासी कोरोना कर्फ्यू लगाने और ग्राम के प्रवेश द्वार पर बेरियल लगाने के लिए तैयार हुए हैं। गांव की जरूरत के अनुसार आवश्यक सामग्री लाने का काम 18 से 25 वर्ष के चिन्हित व्यक्ति करेंगे।
कोरोना संक्रमण को कम करने के लिए संकल्प अभियान दोबारा शुरू किया जा रहा है। 60 वर्ष से अधिक ऐसे व्यक्ति जो अकेले रह रहे हैं उन्हें मूलभूत सुविधा दवा, राशन, गेहूं एवं पिसाई की सुविधा मुहैया करा रहे हैं। वार रूम में सभी विभागों से आ रही जानकारी को इंटीग्रेट किया जा रहा है। इसके लिए सुझाव पेटी भी रखी गई है। टेली मेडिसिन, शहर के डॉक्टर और सेवाभावी वॉलंेटियर्स के माध्यम से लोगों को आवश्यक सुविधा मुहैया कराने के साथ-साथ जागरूक बनाया जाएगा। जिन क्षेत्रों में कोरोना के अधिक केस आ रहे हैं उनका भौतिक सत्यापन करते हुए बाइक पेट्रोलिंग गस्त बढ़ाई जाएगी। मोबाइल कैमरे और ड्रोन से ऐसे क्षेत्रों के चित्र लिए जाएंगे और उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। जहां कोरोना संक्रमण अधिक है वहां उड़न दस्ते से नजर रखी जाएगी। लोगों को मास्क लगाने और जनता कर्फ्यू में घर पर रहने के लिए ही अपील की गई है।
बैठक में जिला आपदा प्रबंध समिति के सदस्यों से कोरोन संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए और प्राप्त सुझाव के अनुसार व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार मुहैया कराने के लिए ग्राम पंचायतों में मनरेगा से कार्य शुरू कराए गए हैं। जो श्रमिक बाहर से आ रहे हैं उन्हेें 7 दिवस के लिए स्कूलों में ठहराया जा रहा है। जिले में ऑक्सीजन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए प्लांट निर्माण का काम शुरू हो चुका है जो 3-4 सप्ताह में पूरा होकर काम शुरू करेगा। ऑक्सीजन की उपलब्धता के लिए सतत प्रयास जारी हैं।  

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