कमल नाथ-कांग्रेस घर को संभाले, हम पर आरोप नहीं लगाएं: विष्णुदत्त

कांग्रेस के विधायक भाजपा में शामिल हो रहे हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के नेता भारतीय जनता पार्टी और हम पर आरोप लगा रहे हैं। वे कह रहे हैं कि भाजपा के लोग हमारे विधायकों को तोड़ रहे हैं, लेकिन कांग्रेस अपना घर ही नहीं संभाल पा रही है और हम पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है। कांग्रेस के विधायक भाजपा में अपने क्षेत्र के विकास के लिए शामिल हो रहे हैं। कांग्रेस में रहते हुए उनका जनता से सामना करना मुश्किल हो गया है। वे चाहते हैं कि उनके क्षेत्रों का विकास हो। कमलनाथ ने चुनाव जीतने के लिए वचन तो कई दे दिए, लेकिन उनको पूरा करने में उन्हें पसीना आ गया।

ये बातें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कही। वे सोमवार को सांची विधानसभा के सांचेत में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री उमा भारती सहित अन्य भाजपा नेता भी मौजूद रहे। प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने सुरखी एवं बड़ा मलहरा विधानसभा क्षेत्रों में भी जनसभाओं को संबोधित किया।

                प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी नीति-सिद्धांतों की पार्टी है। हमारा उद्देश्य एवं लक्ष्य जनता का विकास करना है, प्रदेश का विकास करना है। हम तोड़-फोड़ की राजनीति नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार को उन्हीं के मंत्री-विधायकों ने गिराई, फिर वे भारतीय जनता पार्टी में आ गए। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को चैलेंज दिया कि आ जाओ सड़क पर, लेकिन श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ को ही सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया। कमलनाथ अपना घर ही संभाले तो ज्यादा बेहतर होगा।

झूठ परोस रहे हैं कमलनाथ

                प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ प्रदेश की जनता के सामने झूठ परोस रहे हैं। उन्होंने 2018 के विधानसभा चुनाव में भी जनता को झूठे वचन दिए थे। कमलनाथ ने एक भी वचन पूरा नहीं किया। कर्जमाफी का वादा करके किसानों को और ज्यादा कर्जदार बना दिया, युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं दिया। उन्होंने तो भाजपा सरकार में चलाई जनहितैषी योजनाओं को ही बंद कर दिया। यही कांग्रेस का असली चेहरा है। उन्होंने कहा कि हर विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्य चाहता है, लेकिन कमलनाथ के पास विकास कार्यों के लिए पैसा नहीं था। उनके पास तो इंदौर में आईफा अवार्ड कराने के लिए पैसा था। इसके लिए 700 करोड़ का प्रावधान किया। संबल योजना के जरिए किसी गरीब की मौत पर भाजपा सरकार पांच हजार रूपए अंतिम संस्कार के लिए देती थी। किसी गरीब की मौत पर परिवार को 4 लाख रूपए की आर्थिक मदद देती थी, लेकिन उन्होंने संबल योजना को तो बंद कर दिया और नाच-गाने वालों को बुलाकर उनके साथ यहां पर फोटो खिंचवाना उन्हें अच्छा लगा।

कोई नहीं छोड़ता मंत्री-विधायक का पद

                प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह लोकतंत्र है। यहां पर कोई ऐसे ही मंत्री-विधायकी नहीं छोड़ता, लेकिन जो मंत्री-विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं उनकी भी कुछ मजबूरियां रहीं होंगी। उनकी सबसे बड़ी मजबूरी थी कि वे अपने क्षेत्र का विकास कार्य ही नहीं करा पा रहे थे। जनता के सामने जाने लायक स्थितियां नहीं थीं, इसलिए उन्होंने विकास का रास्ता चुना और भाजपा में आकर कांग्रेस सरकार को गिराया। उन्होंने कहा कि 15 माह की कमलनाथ सरकार ने प्रदेश में भ्रष्टाचार के कीर्तिमान स्थापित किए। वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बनाकर रखा। जब कांग्रेस की सरकार गिरी तो मध्यप्रदेश में भी कोविड ने पैर पसार लिए थे, लेकिन श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही जनहित में ऐतिहासिक कार्य करके यह संदेश दिया कि सरकार-सरकार में फर्क होता है।

गरीबों का दर्द तो एक किसान मुख्यमंत्री ही जान सकता है

                श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रदेश के गरीबों, किसानों का दर्द उद्योगपति कमलनाथ क्या समझेंगे। वे तो देश के दूसरे नंबर के उद्योगपति हैं, लेकिन गरीबों का दर्द समझने का काम तो हमारे मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया है। उन्होंने प्रदेश के ऐसे प्रतिभाशाली बच्चे जो मेडिकल, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते थे,लेकिन उनके पास फीस के पैसे नहीं थे तो उनकी फीस भरवाई। बेटियों का मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के जरिए विवाह करवाया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश-प्रदेश के करोड़ों परिवारों को आशियाने दिए,पक्के मकान दिए। प्रदेश में कमलनाथ सरकार के समय दो लाख 45 हजार मकान प्रधानमंत्री आवास के आए तो इन्होंने 25 प्रतिशत मैचिंग ग्रांट नहीं मिलाई। इसके कारण 2 लाख 45 हजार लोगों को मकान नहीं मिल पाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने मिलकर भ्रष्टाचार की दुकान खोली और जमकर पैसा कमाया। वे हमें गद्दार कह रहे हैं, लेकिन प्रदेश की जनता के साथ गद्दारी करने का काम तो कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने किया है।

कांग्रेस को अंदाज नहीं था कि सरकार बनेगी, इसलिए बड़े-बडे़ वादे कर लिएः उमा भारती

                वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और उनके प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को उम्मीद नहीं थी कि वे सरकार में आ जाएंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता से कई बडे़-बड़े वादे कर लिए। इन वादों का एक पूरा वचन-पत्र ही लेकर आ गए, लेकिन गलती से सरकार बन गई तो उनको जनता को दिए वचन भारी पड़ गए। सरकार बना ली तो वचन पूरे नहीं कर पाए और आखिरकार सरकार गिर गई। सरकार भी कांग्रेस ने ही गिराई। इसमें भारतीय जनता पार्टी का कोई भी रोल नहीं रहा। ये बातें भाजपा की फायर ब्रांड नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुश्री उमाभारती ने कही। वे सोमवार को सुरखी विधानसभा के बिलहरा में आयोजित जनसभा को संबोधित कर रहीं थी। उन्होंने सांची विधानसभा के सांचेत एवं बड़ामलहरा विधानसभा के बमौरी, बक्सवाहा में भी जनसभाओं को संबोधित किया।

                सुश्री उमा भारती ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार में कमलनाथ को जरूर मुख्यमंत्री बना दिया गया, लेकिन रिमोट कंट्रोल से सरकार चलाने का काम मिस्टर बंटाढार ही कर रहे थे। ये वे ही मिस्टर बंटाढार हैं,जिन्होंने 2003 से पहले 10 साल तक मध्यप्रदेश में सरकार चलाई, लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। मध्यप्रदेश को पूरी तरह से बंटाढार करके रख दिया। बिजली, पानी, सड़क जैसी सुविधाओं से लोग वंचित रहे। सुश्री भारती ने कहा कि वर्ष 2003 के विधानसभा चुनाव से पहले मैंने बस में बैठकर पूरे प्रदेश का दौरा किया। उस समय मिस्टर बंटाढार को लग रहा था कि ये गरीब परिवार की बेटी, गांव की बेटी क्या कर लेगी। वे इंजीनियर विदेश में पढ़े-लिखे, राजघराने में पैदा हुए, लेकिन उन्हें ये नहीं पता था कि इस बेटी के साथ प्रदेश की जनता है और उसके बाद वे प्रदेश के परिदृश्य से ऐसे गायब हुए कि आज तक नहीं लौटे।

कड़ी तपस्या से सरकार चला रहे हैं मुख्यमंत्री

                सुश्री उमाभारती ने कहा कि 2003 के विधानसभा चुनाव में जिस तपस्या के साथ मैंने सरकार बनाई अब उसी कड़ी तपस्या के साथ में मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सरकार चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2003 में भाजपा की सरकार बनी और मुझे मुख्यमंत्री बनाया गया, लेकिन मुझे मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। मुझे इस पद से हटाया नहीं गया, बल्कि मैंने स्वयं ही इस्तीफा दिया था। उसके बाद मेरे भाई श्री शिवराज सिंह चौहान को यह जिम्मेदारी दी गई और अब मेरे दिल को तसल्ली है कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार चल रही है। सुश्री भारती ने कहा कि अब मध्यप्रदेश में 15-20 साल तक भाजपा की सरकार रहेगी और यही स्थिति केंद्र में भी रहेगी। वहां भी हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी अगले 15-20 साल तक प्रधानमंत्री रहेंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से मध्यप्रदेश में श्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार चलाई और विकास कार्यों को किया वह कोई नहीं कर सकता था। यही विकास की सोच आज मध्यप्रदेश को अलग पहचान दिलाए हुए हैं।

फर्श से अर्श पर लाना जनता का काम है

                सुश्री उमा भारती ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि है। जनता चाहे तो अर्श पर पहुंचा दे और जनता चाहे तो फर्श पर लाकर खड़ा कर देती है। श्री गोविंद सिंह राजपूत जब भारतीय जनता पार्टी में आए तो मुझे बहुत अच्छा लगा। कांग्रेस के लोग भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने विधायकों को तोड़ा, लेकिन सच्चाई यह है कि भाजपा कभी भी तोड़-फोड़ की राजनीति में विश्वास नहीं करती है। कांग्रेस के मंत्री-विधायकों ने ही कांग्रेस की सरकार को गिराया है। उसमें भाजपा का जरा भी योगदान नहीं है। उन्होंने कहा कि जब 2018 में मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो उनके नेताओं को ही विश्वास नहीं हुआ कि वे मुख्यमंत्री बन गए हैं,क्योंकि प्रदेश में हल्ला यही था कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ही होंगे, लेकिन हमारी कुछ छोटी-मोटी गलतियों के कारण प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बन गई। हालांकि चुनाव में वोट प्रतिशत भाजपा का ज्यादा था, लेकिन हमारी कुछ सीटें कम रह गईं। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार बनी तो कमलनाथ को मुख्यमंत्री बना दिया गया। चुनाव से पहले उन्होंने जनता को वचन तो इतने दे दिए कि बाद वे उनके लिए मुसीबत बन गए, क्योंकि कांग्रेस को उम्मीद तो थी नहीं कि उनकी सरकार बनेगी, इसलिए हर व्यक्ति से वादे पर वादे कर लिए और जब पूरा करने की बारी आई तो अपने वादों से ही मुकर गए। सुश्री भारती ने कहा कि जब कांग्रेस की सरकार में उनके मंत्री-विधायकों के ही काम नहीं हो रहे थे तो श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ को कह दिया कि वे सड़कों पर आकर संघर्ष करेंगे। कमलनाथ ने उन्हें चुनौती दे दी और श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सड़क पर आए तो कमलनाथ की सरकार ही गिर गई।

जब गिराई थी राजमाता ने कांग्रेस सरकार

                सुश्री उमा भारती ने कहा कि जब जनसंघ की स्थापना हुई थी और स्व. कुशाभाउ ठाकरे जनसंघ को अपनी मेहनत से खड़ा कर रहे थे उस समय कांग्रेस के अत्याचार बढ़ रहे थे। इन अत्याचारों के कारण ही राजमाता विजयाराजे सिंधिया जी कांग्रेस की सरकार को गिराकर जनसंघ में आ गईं। इसके बाद कुशाभाउ ठाकरे जी और राजमाता ने जनसंघ को खड़ा करने में अहम योगदान दिया। अब उनके पोते श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी कांग्रेस के अत्याचारों के कारण ही प्रदेश में सरकार गिराई और भाजपा में आ गए। ये तो स्वाभाविक ही था कि श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा में आना था। कांग्रेस की इन चुनावों में तो जमानत ही जप्त होने वाली है, क्योंकि कांग्रेस ने अपना सबसे बड़ा प्रचारक खो दिया, उनका सबसे बड़ा प्रचारक श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ही थे।

कांग्रेस की बढ़ गई मुश्किलें

                सुश्री उमा भारती ने कहा कि कांग्रेस के मंत्री-विधायकों का जनता के बीच जाना ही मुश्किल हो गया था। वे जनता के बीच जाते थे तो उनके पास जबाव ही नहीं होता था। विधायकों को जनता घेर लेती है तो वे क्या करें, क्योंकि कमलनाथ ने उनके क्षेत्रों में कुछ कराया ही नहीं। उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस के मंत्री-विधायकों ने कमलनाथ की सरकार को गिरा दिया, ताकि वे जनता के सामने जाने लायक स्थिति में रहें।

ईश्वर और प्रकृति न्याय करती हैः भूपेंद्र सिंह

                प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि ईश्वर की कृपा हम सबके उपर है कि कांग्रेस की सरकार गई और भाजपा की सरकार आई। 2018 के चुनाव में ज्यादा अंतर नहीं था, परंतु कांग्रेस ने अपनी सरकार बनाई। हमने भी यही सोचा था कि पांच साल हम लोग विपक्ष में बैठकर जनता के विकास के लिए संघर्ष करेंगे, लेकिन सवा साल जिस तरह से कांग्रेस की सरकार चली, खुला भ्रष्टाचार उस सरकार में हुआ, विकास कार्य बंद कर दिए,गरीबों के कल्याण के काम बंद कर दिए गए। पूरे प्रदेश में त्राहि-त्राहि मची हुई थी, लेकिन ईश्वर और प्रकृति हमेशा न्याय करती है। यही न्याय प्रदेश की जनता के साथ हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने किसानों की कर्जमाफी की बात कही थी, युवाओं को रोजगार एवं बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही थी, लेकिन कुछ भी नहीं किया।

ये रहे उपस्थित

                सांची विधानसभा के सांचेत में पूर्व मंत्री श्री रामपाल सिंह, श्री सुरेन्द्र पटवा, भाजपा प्रत्याशी श्री प्रभुराम चौधरी, श्री मुदित शेजवार, श्री जयप्रकाश किरार, श्री कल्याण सिंह, श्री मुकेश टंडन, श्री जमना प्रसाद, श्री राकेश शर्मा तो सुरखी में सांसद श्री राज बहादुर सिंह, श्री धर्मेंद्र लोधी, श्री जगदीश लोधी, श्री प्रभुदयाल पटेल, श्री गौरव सिरोठिया, श्री राजेंद्र सिंह मोकलपुर, श्री सुधीर यादव, श्री मुकेश जैन सहित पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता एवं आमजन मौजूद रहे।

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