Category Archives: ज्ञान-विज्ञान

सभी पंचायतें मार्च 2019 तक डिजिटल होंगी

संचार मंत्री मनोज सिन्‍हा ने कहा है कि भारत ब्रॉड बैंड नेटवर्क लिमिटेड – बीबीएनएल ने देश में सभी ढ़ाई लाख ग्राम पंचायतों को डिजिटल व्‍यवस्‍था के जरिये जोड़ने की भारत नेट परियोजना को सफलतापूर्वक लागू करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। श्री सिन्‍हा ने कहा कि इस प्रमुख परियोजना का उद्देश्‍य बिना किसी भेदभाव के नागरिकों को ई-शासन, ई-स्‍वास्‍थ्‍य, ई-बैंकिंग और अन्‍य सेवायें उपलब्‍ध कराने में मदद करना है।

भारत को इंटरनेट शटडाउन का सामना नहीं करना पड़ेगा

 विश्‍व में इंटरनेट बंद होने की ख़बरों के बीच भारत में इंटरनेट ब्‍लैकआउट की आशंका नहीं है और किसी इंटरनेट शटडाउन का सामना नहीं करना पड़ेगा।  राष्‍ट्रीय साइबर सुरक्षा के संयोजक गुलशन राय ने कल कहा कि सभी व्‍यवस्‍थाएं चुस्‍त-दुरुस्‍त हैं और भारत में इंटरनेट शटडाउन नहीं होगा।

संयुक्त राष्ट्र समिति की बढ़ते तापमान पर चेतावनी

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र समिति ने धरती के बढ़ते तापमान के बारे में विस्‍तृत चेतावनी जारी की है। पैनल के विशेषज्ञों ने तीन साल के अनुसंधान और वैज्ञानिकों तथा सरकार के बीच एक सप्‍ताह के विचार-विमर्श के बाद दक्षि‍ण कोरिया में अपनी रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट में चेतावनी दी गयी है कि धरती के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार धरती के तापमान में औद्योगिक क्रांति के बाद के स्‍तर से डेढ़ डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि नहीं होनी चाहिए। इसके लिए, रिपोर्ट में सभी स्‍तरों पर तेजी से, दूरगामी और अभूतपूर्व बदलाव लाने की बात कही गयी है।

ब्रॉडबैंड टू ऑल सबको ब्रॉडबैंड की सुविधा हो

केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने राष्‍ट्रीय डिजिटल संचार नीति- 2018 को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्‍य देशभर में 50 एमबीपीएस स्‍पीड से इंटरनेट सुविधा उपलब्‍ध कराना है। सभी ग्राम पंचायतों में वर्ष 2020 तक एक जीबीपीएस और 2022 तक 10 जीबीपीएस की ब्रॉड बैंड सुविधा उपलब्‍ध कराई जायेगी। डिजिटल संचार नीति-2018, राष्‍ट्रीय दूरसंचार नीति- 2012 का स्‍थान लेगी।

भारत ने पृथ्‍वी रक्षा यान का सफल परीक्षण किया

भारत ने कल ओडिसा तट से दूर प्रतिरक्षा मिसाइल का सफल प्रक्षेपण किया। इसके साथ ही भारत ने कम और अधिक उंचाई से लक्ष्‍य भेदने में सक्षम द्विस्‍तरीय बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने में बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। मिसाइल कल शाम आठ बजकर पांच मिनट पर अब्‍दुल कलाम द्वीप से प्रक्षेपित की गई।

इसरो ने पी.एस.एल.वी. रॉकेट से ब्रिटेन के दो उपग्रह कक्षा में स्थापित किये

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने कल रात ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान- पी.एस.एल.वी. से ब्रिटेन के दो उपग्रहों को नियत कक्षा में स्‍थापित किया। नोवा एसएआर और एस 1-4 उपग्रहों को प्रक्षेपण के 17 मिनट बाद कक्षा में स्‍थापित कर दिया गया। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केन्‍द्र से कल रात ठीक 10 बजकर आठ मिनट पर अंतरिक्ष यान छोड़ा गया। भारत अब तक कुल 239 विदेशी उपग्रह प्रक्षेपित कर चुका है।

पीएसएलवी सी-42 को प्रक्षेपित किया जाएगा

ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान – पीएसएलवी सी-42 को आज रात दस बजकर आठ मिनट पर प्रक्षेपित किया जाएगा। श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र में प्रक्षेपण की गिनती सुचारू रूप से चल रही है। यह पूर्ण रूप से वाणिज्यिक मिशन हैं। यह अंतरिक्षयान ब्रिटेन के दो उपग्रह – नोवा एसएआर और एस1-4 को अंतरिक्ष में ले जाएगा।  प्रक्षेपण की 33 घंटे की गिनती कल दोपहर बाद 1 बजकर 8 मिनट पर शुरू हुई थी।

छठी द्विवार्षिक स्पेस एक्सपो आज से बंगलुरू में

छठी द्विवार्षिक स्‍पेस एक्‍सपो आज से बंगलुरू में शुरू हुई। भारतीय अन्‍तरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो के अध्‍यक्ष डॉ0 के सिवन ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्‍होंने कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन पीएसएलवी निर्माण, छोटे उपग्रह छोड़ने के यान और छोटे उपग्रह बनाने की जिम्‍मेदारी निजी उद्यमों को सौंपना चाहता है।  तीन दिन की इस प्रदर्शनी में भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में उद्योग जगत की भागीदारी को दर्शाया जाएगा।

एट्रोसिटी एक्ट संशोधन को लेकर गुरुवार को भारत बंद, मप्र में अलर्ट

एट्रोसिटी एक्ट संशोधन को लेकर गुरुवार को भारत बंद का आव्हान किया गया है जिसके लिए मध्यप्रदेश में अलर्ट जारी किया गया है। मप्र पुलिस ने बंद को देखते हुए साढ़े दस हजार पुलिस बल को जिलों में भेजा गया है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकतर जिलों में धारा 144 लागू की गई है।

इसरो द्वारा अंतरिक्ष में भेजने के लिए भारतीय मिशन गगनयान कार्यक्रम का खुलासा

भारत के प्रथम मानवीय अंतरिक्ष मिशन का प्रक्षेपण 2022 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो द्वारा किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में भारत के प्रथम मानव अंतरिक्ष उड़ान-गगनयान के प्रक्षेपण की घोषणा की थी।  इसरो द्वारा देश में विकसित यह पहला मानव मिशन होगा।