हम बैठे-बैठे जितवा सकते हैं तो हरवा भी सकते हैं

मप्र कांग्रेस कमेटी कार्यालय में पूर्व सांसद और पूर्व विधायक अपनी उपेक्षा से इतने विचलित हैं कि 30-35 साल के केंद्रीय पर्यवेक्षक भी चमका जाते हैं। हम लोगों का आज भी क्षेत्र में उतना ही जनाधार है। हम किसी भी प्रत्याशी को जितवा सकते हैं तो हरवा भी सकते हैं। कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रसे नेताओं ने भाजपा को घेरा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हमें हमारे वोट को छीनने की हो रही कोशिशों पर ध्यान देना चाहिए। अब जोड़-तोड़ की राजनीतिक शुरू होने वाली है।

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