हम झाबुआ के विकास का नया इतिहास रचाएंगे: कमलनाथ

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि हम झाबुआ के विकास का नया इतिहास रचाएंगे। यहां नौजवानों के भविष्य को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती है। हमारा प्रयास रहेगा कि यहां रोजगार और व्यवसाय की अवसर बढ़ाए। उन्होंने झाबुआ से छिंदवाड़ा की तरहअपने संबंध बनाए रखना का वादा किया।

म्रुख्यमंत्री कमलनाथ मंगलवार को झाबुआ जिला मुख्यालय के पातीटेक्नीक कालेज परिसर में आयोजित ग्राम सचिवालय के पदाधिकारियों के सम्मेलन में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि मध्यप्रदेश में हम एक नई परम्परा की शुरूआत करने जा रहे हैं, जिसमें सरकार काम करने की घोषणा नहीं करेगी, बल्कि जनता घोषणा करेगी कि काम हो गया है। उन्होंने झाबुआ की जनता को तहेदिल से धन्यवाद देते हुए कहा कि उसने सच्चाई का साथ देकर क्षेत्र के विकास की एक नई इबारत लिखने का जो अवसर दिया है, उसे साकार किया जाएगा।

नाथ झाबुआ में पंचायत राज एवं पंच, सरपंच, सचिव, पटेल, तड़वी और कोटवार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। चिकित्सा शिक्षा एवं संस्कृति मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री तुलसी सिलावट उपस्थित थे। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि झाबुआ के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए हम प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। इस क्षेत्र से मेरा चुनावी नहीं दिल से जुड़ा हुआ संबंध है जिसे निभाया जायेगा। क्षेत्र की जनता द्वारा सरकार के प्रति व्यक्त विश्वास के बाद उसे निराश नहीं होना पड़ेगा। क्षेत्र की जनता ने यह साबित किया है कि वह समझदार है। जनता को जब भी कोई परेशानी होगी मुख्यमंत्री उनके साथ खड़े रहेंगे और हर समस्या का समाधान किया जाएगा। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आलोचना और घोषणा की राजनीति से अलग रहकर नई सरकार ने साढ़े नौ माह में मध्यप्रदेश के विकास का एक नया नक्शा बनाने की योजना बनाई है। इस अवधि में हर वर्ग के विकास की आधारशिला रखी गयी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि आर्थिक तंगी, खजाना खाली होने के बाद भी जनता को दिए गए वचन को पूरा करते हुए हमने पहले चरण में प्रदेश के 21 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। आने वाले दिनों में प्रदेश के लाखों किसानों का कर्ज माफ होने जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए हमारे प्रयास निरंतर जारी है। नौजवानों को रोजगार देने के लिए निवेश का एक नया वातावरण पूरे प्रदेश में बनाया गया है। हमारी कोशिश होगी कि जिन बच्चों को उनके माता-पिता ने बड़े प्यार से पाला है उन्हें भटकना न पड़े। लोगों की क्रय शक्ति बढ़े, इसके लिए आर्थिक गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए जरूरी है कि सिर्फ आलोचना न हो बल्कि हम कैसे अपने प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाए, इसके लिए हमें सुझाव मिले। आज जरूरत इस बात की है कि हमारे आदिवासी भाइयों को मुख्य-धारा से जोड़ने और उन्हें प्रदेश की प्रगति में सहभागी बनाने की दिशा में सभी एकजुट होकर काम करें। 

सम्मेलन को गृह मंत्री श्री बाला बच्चन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री कमलेश्वर पटेल, किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री सचिन यादव, पर्यटन एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री सुरेन्द्र सिंह बघेल हनी तथा नव निर्वाचित विधायक कांतिलाल भूरिया ने भी संबोधित किया।

सम्मेलन में मुख्यमंत्री का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री ने वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत वन पट्टे, उद्योग विकास, आजीविका परियोजना, मत्स्य-पालन, वन स्टाप सेंटर, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ एवं लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। उन्होंने झाबुआ जिले के लिए 4 करोड़ 21 लाख रुपए के 30 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने जिले की विभिन्न योजनाओं पर तैयार किए गए ब्रोशर का विमोचन किया।  

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