हनी ट्रेप में महिलाओं ने सरकारी तंत्र को खोखला बनाने की कोशिश की

हनी ट्रेप मामले में जिन हाई प्रोफाइल महिलाओं की गिरफ्तारी हुई है, उन्होंने अपने अंदाज में काम करते हुए सरकारी तंत्र को खोखला बनाने का प्रयास किया था। वे यह काम साल तो साल से नहीं कई सालों से कर रही थीं। दोनों ही राजनीति दलों में खासा दखल होने से उनके राजनीतिज्ञों से बेहद करीबी संबंध बने। यही नहीं इन महिलाओं ने प्रशासनिक मशीनरी के मुख्य सूत्रों को भी अपने कब्जे में करने के लिए जाल बिछाकर काम किया।

पुलिस ने अब तक इनके काम करने के अंदाज की मुख्य कड़ी अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की गतिविधि के जो तार जोड़े हैं उसमें शासन-प्रशासन के प्रभावी चेहरों के नाम सामने आए हैं जिनका खुलासा होने की संभावना कम है।
पुलिस ने जिन दो श्वेता जैन को गिरफ्तार किया है, उनमें से एक कॉलेज की स्टूडेंट है। उसकी मां से जब मीडिया ने बात की तो उन्होंने कहा कि बेटी तो भोपाल में पढ़ने गई है। उन्हें नहीं पता कि उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एक अन्य महिला बरखा सोनी के पति कांग्रेस के आईटी सेल में प्रमुख पदाधिकारी हुआ करते थे लेकिन आईटी सेल के राष्ट्रीय नेताओं के खिलाफ टिप्पणियां करने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था। एक महिला आरती दयाल जो इंदौर के इंजीनियर हरभजन सिंह को तीन करो़ड़ मांगकर ब्लैकमेल कर रही थी और पहली किश्त लेने इदौर पहुंची थी। उसके पकड़े जाने से भोपाल की तीन अन्य महिलाओं के राज खुले हैं।
यह भी कहा जा रहा है कि पिछले दिनों एक आला अधिकारी की जो सीडी आई थी, उसमें शामिल महिला भी पकड़ी गई महिलाओं में से एक है। इसलिए यह कहा जा रहा है कि आला अधिकारी ने महिलाओं को पकड़ने के लिए दूसरे निचले अधिकारी की मदद से पर्दाफाश कराया है। मगर इसकी कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। महिलाओं के राजनेताओं से संबंध में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के लोग शामिल हैं। इसलिए आरती दयाल व भोपाल में तीनों ठिकानों से मिली सीडी व मोबाइल की वीडियो क्लिप को लेकर पुलिस ने चुप्पी साध रखी है।

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