हतोत्साहितों की सेवा करना हमारा आदर्श वाक्य होना चाहिए: उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति श्री एम वेंकैया रेड्डी ने कहा है कि हतोत्साहितों की सेवा करना चिकित्सकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों जैसे काम करने वाले लोगों का आदर्श वाक्य होना चाहिए। आज नेल्लोर में, स्वर्ण भारत ट्रस्ट में एक चिकित्सा शिविर का उद्घाटन करते हुए उन्होंने गरीबों में भी सबसे गरीब की सेवा करने की आवश्यकता पर बल दिया। उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए तथा व्यापक स्तर पर समाज एवं देश की सेवा करने के लिए उनके जैसे गुणों को अपनाना चाहिए।मकर संक्रांति त्यौहार के महत्व पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति महोदय ने कहा कि हमारे देश के सभी त्यौहार मानवता, एक जुट होकर रहने एवं अच्छे कार्यों को बढ़ावा देने का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि हमें निश्चित रूप से बुरी चीजों को अपने पीछे छोड़ देना चाहिए और एक बेहतर कल के लिए अतीत से अच्छी चीजों को अपनाना चाहिए। बाद में, उपराष्ट्रपति महोदय ने समीपवर्ती गांवों के लोगों से मुलाकात की जो संक्रांति के अवसर पर उन्हें बधाई देने वहां आए थे। श्री एम वेंकैया रेड्डी ने किसानों एवं नेल्लोर जिले के कई अन्य प्रतिनिधियों के साथ भी मुलाकात की एवं आपस में खुशियां बांटीं।

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