सुदर्शन चक्र कोर द्वारा द्रोणाचल में थल सेना दिवस मनाया गया

15 जनवरी 2020 को भोपाल स्थित एतिहासिक दर्शनीय स्थान द्रोणाचल में सुदर्शन चक्र कोर द्वारा थल सेना दिवस (आर्मी डे) बड़ी संख्या में उपस्थित सेना तथा सिविलियन्स की मौजूदगी में बड़े धूम-धाम से मनाया गया।

दिन के शुभारम्भ पर सुदर्शन चक्र वार मेमोरियल पर लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र सिंह डिमरी, अति विशिष्ट सेवा मैडल, विशिष्ट सेवा मैडल, जनरल अफसर कमांडिंग सुदर्शन चक्र कोर तथा बड़ी संख्या में उपस्थित अधिकारियो और सैनिको द्वारा वीर पराक्रमी योद्धाओ को याद कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी । 1971 के इंडो- पाक युद्ध के वार वेटरन, ब्रिगेड औफ द गार्ड के गार्डसमैन मुंशी लाल गहलोत और राजपूताना राइफल्स के राइफलमैन राम बहादुर, ने भी मौके पर श्रद्धांजलि अर्पित की ।

वही शाम को भोपाल के बड़ी संख्या मे पधारे गणमान्य नागरिको और दर्शको की उपस्थिति में युद्धास्थल पर थल सेना दिवस धूम धाम से मनाया गया। योद्धास्थल पर सेना से सम्बंधित हथियारों, उपकरणों, मॉडलों, टैंक, मिसाइल तथा नया स्थापित मिग-23 फाइटर एयरक्राफ्ट आदि से सुसज्जित उपकरण विशेष प्रेरक एवं आकर्षण का केंद्र थे। सभी कार्यक्रम मध्यप्रदेश राज्य के गौरवशाली गेलेंट्री अवार्ड विजेताओं के लिए समर्पित प्रेरणा स्तम्भ में आयोजित हुए। आकर्षक कार्यक्रमों में देश भक्ति एवं प्रेरणा दायी मनमोहक धुनों से सुसज्जित आर्मी पाइप बैंड तथा जॉज बैंड डिस्प्ले, आर्मी जवानो द्वारा ताइक्वांडो कौशल प्रदर्शन और आर्मी पब्लिक स्कूल भोपाल के बच्चो द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमो ने नए दर्शको का मन मोहित किया।

यह कार्यक्रम वीर सैनिको को नमन करते हुए एवं युवा पीढ़ी को सेना के बारे में जानने तथा प्रोत्साहन के उद्देश्य से आयोजित किये गए थे। नागरिको को युद्धास्थल पर स्थापित मिग-23 एयरक्राफ्ट, ब्रह्मोस मिसाइल, ध्रुव हेलीकाप्टर, टैंक, कारगिल विजय वाल तथा अन्य अनेको उपकरणों के मॉडलों को नजदीक से रु-बरु होने का अवसर मिला, सभी ने फोटोग्राफी द्वारा इस दर्शनीय प्रेरक स्थान का आनंद उठाकर अपने आपको सेना के प्रति आकर्षित तथा देश-प्रेम द्वारा स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया।

आर्मी डे (सेना दिवस) 15 जनवरी को प्रत्येक वर्ष धूम धाम से मनाया जाता है जिसका ऐतिहासिक महत्त्व यह है की जनवरी 1949 को अंतिम ब्रिटिश सेना जनरल सर फ्रांसिस बूचर से लेफ्टिनेंट जनरल (बाद में फील्ड मार्शल) के ऍम करियप्पा द्वारा भारतीय सेना के प्रथम कमांडर इन-चीफ का पदभार ग्रहण किया। थल सेना दिवस उन बलिदानी अमर, शूरवीर सैनिको को सेल्यूट और नमन करने का अवसर भी है जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

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