बिजली और कोयले खरीदी में हुआ 1 लाख 35 हजार करोड़ का घोटाला

विधानसभा के सत्र को अलोकतांत्रिक तरीके से खत्म करने और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा न कराने पर कांग्रेस विधायक दल द्वारा विरोध स्वरूप प्रतिकात्मक रूप से किए जा रहे सच्चाई जनता की अदालत सभा में आज दूसरे दिन भाजपा सरकार के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया गया। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की उपस्थिति और विधायक यादवेन्द्र सिंह के सभापतित्व में चली इस सभा में भाजपा सरकार पर बिजली के नाम पर 1 लाख 35 हजार करोड़ रूपए के घोटाले का आरोप लगाया है। यह घोटाला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने किया है।कांग्रेस विधायक दल के सचेतक विक्रम सिंह नातीराजा ने कांग्रेस विधायक दल द्वारा भाजपा सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश के किसानों आम जनता और गरीबों के साथ ठगी की है। नातीराजा द्वारा प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव में उन्होंने 49 बिन्दुओं का उल्लेख किया गया।
विधायक श्री जीतू पटवारी ने आज मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 15 साल में मध्यप्रदेश में बिजली और कोयला खरीदी के नाम पर 1 लाख 35 हजार करोड़ रूपए का घोटाला किया है। कोयले की कमी को लेकर शिवराज सरकार हमेशा रोती रही है जबकि यह कमी कृत्रिम रूप से पैदा की जाती थी। इसका प्रमाण है कि वर्ष 2017-18 में मध्यप्रदेश सरकार ने 216 लाख टन सालाना कोयले आवंटन के विरूद्ध मात्र 127 लाख टन कोयला उठाया। पटवारी ने सवाल किया कि जब कोयले की कमी है तब फिर पूरा आवंटित कोयले का उपयोग क्यों नहीं किया गया। इसके पीछे मंशा निजी कंपनियों से मंहगी बिजली खरीदना थी
विधायक सोहनलाल बाल्मिकी ने कहा कि बार-बार इंवेस्टर्स मीट हुई, उनमें करोड़ों-अरबों रूपए खर्च हुए सिर्फ वाहवाही लूटने के लिए। इंवेस्टर्स मीट सिर्फ ब्रांडिंग करने के लिए की गई। किसी तरह का कोई इंवेस्ट प्रदेश में नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने 12 विदेश यात्राएं की, अरबों रूपए खर्च हुए लेकिन फायदा किसे मिला सिर्फ बड़े-बड़े उद्योगपतियों को फायदा मिला। 200 एकड़ जमीन रिलायन्स को पीथमपुर में दी गई लेकिन पैसा जमा नहीं हुआ तो अब जमीन वापस करने की कार्यवाही की जा रही है।
विधायक संजय उइके ने कहा कि आदिमजाति कल्याण विकास आदिवासियों के उत्थान के लिए सामाजिक आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए बनाया गया है। जनजातीय कार्य विभाग ने करोड़ों रूपए का फंड अनेकों योजनाओं के माध्यम से दिया जाता है। 2003 से अभी तक के आंकड़ों में मैंने पाया कि जो जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत आदिवासी उपयोजना की मांग की राशि आदिवासियों के विकास के लिए दी जाती है लेकिन यह राशि गैर-आदिवासी क्षेत्र में खर्च कर दी जाती है। आदिवासियों के विकास की राशि का दुरूपयोग सरकार ने किया है।
विधायक फुंदेलाल मार्को ने कहा कि मैं नर्मदा नदी के उदगम स्थल से आता हूं। अतः पहले मैं याद करना चाहता हूं – त्वदीय पाद पंकजम, नमामि देवी नर्मदे। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने 11 दिसंबर 2016 से नर्मदा सेवा यात्रा प्रारंभ की थी। नर्मदा के संरक्षण के नाम पर सोन्‍द्रयीकरण के नाम पर जो घोषणाएं की थी, उन पर अभी तब कोई अमल नहीं हुआ। अमरकंटक में नर्मदा नदी में सीवेज का गंदा पानी रोकने के लिए बात की थी, पेड़-पौधे लगाने का काम किया गया लेकिन मैंने नर्मदा यात्रा के दौरान पाया कि जो वृक्षारोपण किया गया था, उसमें से एक भी पेड़-पौधे जीवित नहीं बचे हैं।
विधायक सुश्री हिना कांवरे ने कहा कि केंद्र की यूपीए की सरकार ने खाद्य सरंक्षण कानून लागू किया था, जिसमें खाद्यान्न के दाम तीन रूपए किलो चावल, दो रूपए किलों गेहूं एवं 1 रूपए किलों मोटा अनाज के दाम रखे गए थे। लेकिन प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने तीन रूपए किलो चावल को दो रूपए किलो, दो रूपए के गेहूं को एक रूपए करके कोरी वाहवाही लूटने का काम किया है। जिससे सरकार पर 530 करोड़ रूपए का भार आया।

विधायक श्री रजनीश सिंह ने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भीष्म मौन हुए और धृतराष्ट्र ने आंखों में पट्टी बांधकर अपने पुत्र दुर्योधन का समर्थन किया तो महाभारत का युद्ध हुआ। 15 सालों से इस सरकार ने भी अपनी आंखों में पट्टी बांध रखी है जो न्याय से आंख नहीं मिलाना चाहते हैं। प्रदेश को कृषिकर्मण अवार्ड दिलाने वाले किसानों की हालत खराब है, उन्हें खाद-बीज के लिए परेशान होना पड़ता है। बोनी के लिए 34 हजार रूपए क्विंटल मक्के का बीज बिक रहा है। गरीब किसान परेशान है।

विधायक श्री हर्ष यादव ने कहा कि सागर एवं बुंदेलखंड में 2 वर्षों से सूखा है, बीमा की राशि नहीं मिल पा रही है इसलिए किसान आत्महत्या करते हैं, बिजली के बिलों की अधिक राशि आने के कारण किसान परेषान है। किसानों को 10 घंटे बिजली देने का वादा करने के बाद मात्र 2-3 घंटे ही मिल पाती है। प्रदेश में यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो किसानों का माफ कर्ज किया जाएगा। यूपीए की सरकार ने सागर स्थित हरिसिंह गौर विश्‍वविद्यालय को 15 जनवरी 2009 मा. श्री अर्जुन सिंह जी ने केंद्रीय विश्‍वविद्यालय का दर्जा दिया था तथा 835 करोड़ रूपए क्षतिपूर्ति की राषि प्रदेश सरकार को दी थी।

नीलांशु चतुर्वेदी – विधायक श्री नीलांशु चतुर्वेदी ने कहा कि मैं राम की कर्मस्थली चित्रकूट से आता हूं। भाजपा ने राम के नाम पर धोखा दिया है। भाजपा वाले अंग्रेज के एजेंट हैं। जिस प्रदेश मे आक्सीजन की कमी से और एंबुलेंस के कारण मौत हो जाए यह दुखद है। प्रदेश में रोजगार नहीं है रोटी गरीबों को नहीं मिल रही है। भाजपा के मंत्री कहते हैं कि यदि कोई मरता है तो मरे, यह भगवान की मर्जी है, ये गरीबों के लिए बोल हैं। 10 हजार करोड़ रूपए खर्च करने के बाद भी लाड़ली लक्ष्मी योजना का हश्र क्या हुआ सभी जानते हैं। ”बड़े नादां हैं वो लोग जो बुलंदी पर नाज करते हैं, हमने सूरज को भी ढलते देखा है।”‘‘

मधु भगत – विधायक श्री मधु भगत ने कहा कि बालाघाट जिले में फेक्ट्री में विस्फोट में 27 मौतें हुई थी। मुख्यमंत्री के पास वहां जाने का समय नहीं था। सीईओ, अपर कलेक्टर, कलेक्टर आदि में से किसी को भी सस्पेंड नहीं किया गया। न ही किसी को दोषी ठहराया गया। एक माह में परसवाड़ा में दो किसानों ने आत्महत्या कर ली पर प्रशासन ने कोई सुध नहीं ली।

सौरभ सिंह – विधायक श्री सौरभ सिंह ने कहा कि किसानों को भावांतर का लाभ नहीं मिल रहा है। बीमा का एवं उनकी उपज का सही दाम नहीं मिल रहा है। पहले तीन बोरे धान में एक तोला सोना आ जाता था। आज तीस बोरे में एक तोला सोना आता है। आपने भगवान के नाम का, सिंहस्थ के नाम का दुरूपयोग किया। लंदन के हिप्रो एयरपोर्ट में आपने सिंहस्थ का विज्ञापन लगवाया, इसका क्या औचित्य है। व्यापम घोटाले का नाम बदल दिया, क्या यमराज का नाम बदलने से मौतें बंद हो जाएगी। कटनी में दो सौ खदानों में पांच चल रही हैं।

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