पांच राज्यों में चुनाव तारीखें घोषित, मप्र में 28 नवंबर को मतदान

भारत निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों छत्तीसगढ़, राजस्थान, मिजोरम और तेलंगाना में चुनाव की तारीकों का एलान कर दिया। इसके साथ ही सभी राज्यों में चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के तुरंत बाद से ही आचार संहिता लागू हो गई। इन राज्यों में पहले अक्टूबर के दूसरे सप्ताह यानि 12 अक्टूबर से आचार संहिता लागू करने की संभावनाएं जताई जा रही थीं।मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने दिल्ली में पांचों राज्यों का चुनाव प्रोग्राम बताया। इसमें मप्र में जहां अधिसूचना दो नंबर को जारी हो जाएगी तो नौ नवंबर को नामांकन पर्चे दाखिल किए जा सकेंगे। दस नवंबर को छंटनी होगी और 14 नवंबर को नामांकन पर्चे दाखिलकराने का अंतिम दिन होगा। 28 नवंबर को मतदान होगा तथा 11 दिसंबर को मतगणना होगी।
मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होगा। 12 नवंबर को पहला चरण होगा तो दूसरा 20 नवंबर रखा गया है। राजस्थान में तेलंगाना राज्य के साथ चुनाव होंगे। सात दिसंबर को चुनाव प्रोग्राम होगा जब दोनों राज्यों में मतदान होगा। मतगणना सभी राज्यों की एकसाथ 11 दिसंबर को होगी।
इधर मप्र में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी व्ही.एल.कान्ता राव ने चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही आचार संहिता स्वतः प्रभावी होने की बात कही। उन्होंने कहा है कि मध्यप्रदेश में आज से चुनाव की घोषणा के साथ ही आदर्श आचरण संहिता लागू हो गई है। कान्ता राव ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इस बार चुनाव में ईको फ्रेन्डली प्रचार-प्रसार किये जायेंगे।
पांच करोड़ बनाएंगे सरकार
प्रदेश में 5 करोड़ 3 लाख 34 हजार 260 मतदाता निर्वाचक नामावली में नामांकित हैं। सभी मतदाताओं को फोटो ईपिक उपलब्ध कराये गये हैं। फोटो युक्त मतदाता सूची सौ प्रतिशत उपलब्ध रहेगी। मतदान के 5 दिन पूर्व बी.एल.ओ द्वारा वोटर स्लिप का घर-घर वितरण किया जायेगा। प्रत्येक घर में मतदान प्रक्रिया की जानकारी के लिये वोटर गाईड वितरित की जायेगी। प्रदेश में इस बार 65 हजार 341 पोलिंग बूथों पर मतदान होगा। प्रदेश में सभी मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिये सुविधा केन्द्र बनाये जायेंगे। विधानसभा निर्वाचन 2018 में सभी प्रत्याशियों को नामांकन जमा करने के साथ ही शपथ पत्र जमा करना होगा, जिसमें उनके विरूद्ध यदि प्रकरण दर्ज हैं, तो उसका पूर्ण रूप से उल्लेख करना होगा। फार्म में सभी कॉलम भरना अनिवार्य है। मतदान केन्द्र के बाहर प्रत्याशियों के द्वारा लगाये जाने वाले टेन्ट का खर्च प्रत्याशियों के खाते मे जोड़ा जायेगा। विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के लिये खर्च की सीमा 28 लाख रूपये निर्धारित है।
राव ने बताया कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा। प्रचार-प्रसार में लगे वाहन बिना अनुमति के नहीं चल सकेंगे। उड़नदस्ता और वीडियो सर्विलान्स टीम निरंतर भ्रमण कर वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी करेगी। कानून व्यवस्था की प्रति दिन समीक्षा की जायेगी। निर्वाचन सदन मे आज से ही एम.सी.एम.सी द्वारा न्यूज चैनलों पर प्रसारित होने वाले विज्ञापनों पर निगरानी रखने के लिये जनसम्‍पर्क की टीम 24 घण्टे निगाह रखेगी।

भारत निर्वाचन आयोग ने जी.पी.एस. आधारित C-Vigil एप लान्च किया है, जिसमें 2 मिनट का वीडियो और फोटो डाउनलोड किये जा सकेंगे। इसमें कोई भी नागरिक निर्वाचन आयोग को शिकायत प्रेषित कर सकेंगे। राजनैतिक दलों के लिये “सुविधा पोर्टल” बनाया गया है , जिसके द्वारा राजनैतिक दल प्रचार-प्रसार की अनुमति हेतु आवेदन कर सकेंगे। निर्वाचन के दौरान 4 प्रेक्षक निर्वाचन प्रक्रिया पर निगाह रखेंगे, जिनमें सामान्य प्रेक्षक, व्यय प्रेक्षक, पुलिस और माइक्रो प्रेक्षक निरंतर निर्वाचन प्रक्रिया को देखेंगे। निर्वाचन प्रक्रिया 13 दिसम्बर को पूर्ण हो जायेगी।

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