डियो और मोबाइल का उपयोग कम करके ओजोन क्षरण बचायें

दैनिक जीवन में डियोडरेंट और मोबाइल के उपयोग को कम करके हम व्यक्तिगत स्तर पर ओजोन संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं। कार्यपालन संचालक श्री जितेन्द्र सिंह राजे ने आज एप्को में अंतर्राष्ट्रीय ओजोन दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इनके उपयोग से हानिकारक रसायन- क्लोरो-फ्लोरो कार्बन, कार्बन-डाई-ऑक्साइड और नाइट्रस ऑक्साइट आदि से बचा जा सकता है। कार्यक्रम में भोपाल के शासकीय स्कूलों के 103 विद्यार्थी और 9 ईको-क्लब प्रभारी शिक्षकों ने भाग लिया।

प्रथम सत्र में प्रदूषण निवारण नियंत्रण बोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. पी.के. श्रीवास्तव ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन द्वारा ओजोन क्षरण से होने वाले दुष्प्रभाव जैसे- कृषि और मनुष्य पर विपरीत प्रभाव, जलवायु परिवर्तन आदि पर प्रकाश डाला। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि ओजोन क्षरण से मनुष्य में त्वचा का कैंसर और मोतियाबिंद आदि कैसे पनपते हैं। कार्यक्रम में ओजोन क्षरण के कारक तत्वों और विभिन्न संस्थाओं द्वारा किये जा रहे संरक्षण के प्रयासों की भी जानकारी दी गई।

विषय-विशेषज्ञों ने ओजोन से संबंधित प्रश्नोत्तर कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं के प्रश्नों के भी जवाब दिये। ओजोन आधारित ओपन हाउस क्विज प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम का समापन जन-जागरूकता के उद्देश्य से निकाली गई रैली से किया गया।

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