डाइट में जूनियर सीनियर लेक्चरर की पोस्ट भी खत्म

मध्य प्रदेश में नया शिक्षा सत्र 2018 शुरू होने के बाद अब तक सरकारी स्कूलों में उर्दू की कोर्स किताबों की अनुपलब्धता की समस्या हल होना शेष है इस बीच अब मदरसा और स्कुल उर्दू टीचर्स की वार्षिक ट्रेनिंग बन्द होने का मामला सामने आया है यही नही 50 डाइट में जूनियर व् सीनियर उर्दू लेक्चरर्स की सेंक्शन पोस्ट भी खत्म कर दिये जाने का खुलासा हुआ है।सूत्रों के अनुसार राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा awp प्लान के तहत टीचर्स ट्रेनिंग का मॉड्यूल तयार कर राज्य स्तर पर डाइटको फंड भेज कर हर विषय की ट्रेनिंग कराने की ज़िम्मेदारी सौंपी जाती है। और हर वर्ष स्कुल खुलने से पहले ऐसा होता है और जुलाई खत्म होने तक सभी विषयों की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है जिससे टीचर्स अध्यापन या पढाने के नए तरीक़ों से अपडेट हो सकें।
सूत्रों के अनुसार इस वर्ष भी ट्रेनिंग हुई और कुछ विषयों की अब भी जारी है मगर बदकिस्मती से पिछले कई वर्षों की तरह इस वर्ष भी फंड डाले जाने के बावजूद उर्दू विषय की ट्रेनिंग नही कराई गयी।
यही नही सूत्रों के अनुसार पूर्ववर्ती सरकार में प्रदेश के सभी 50 डाइट में जूनियर और सीनियर लेक्चरर्स की सेंक्शन पोस्ट को वर्तमान बीजेपी सरकार में समाप्त कर दिया गया है ।
उर्दू भाषा के शिक्षण प्रशिक्षण पर यह कुठाराघात किसने क्यों और किस कारण किया गया यह जांच का विषय है। कहीँ यह सब अल्पसंख्यकों में cm शिवराज सिंह चौहान की छवि धूमिल करने की साज़िश का हिस्सा तो नही ?जिनके कार्यकाल में सभी वर्गों तबक़ों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के समान अवसर दिए गए हैं।शिव राज सरकार ने ही प्रदेश उर्दू अकेडमी और मदरसा बोर्ड के बजट में भारी इज़ाफ़ा कर इन संस्थाओं को नई पहचान दी है।

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