चुनावः पार्टी में शामिल करने तथा प्रत्याशी घोषित होने पर टिकट लौटाने का खेल

विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे नेताओं के दल बदलने से लेकर प्रत्याशी बनने के बाद डांवाडोल रुख अपनाने का राजनीतिक दांवपेंच शुरू हो गया है। शनिवार को जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ बुदनी से समाजवादी पार्टी द्वारा जिस ए आर्य को टिकट देने का एलान किया गया, आज उसने वीडियो वायरल कर टिकट वापसी की घोषणा कर दी तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने जिस कांग्रेस नेता पूर्णिमा वर्मा को पार्टी की सदस्यता दिलाई, कांग्रेस ने उसे छह साल की निष्कासित नेता बताकर पल्ला झाड़ लिया है।समाजवादी पार्टी ने बुदनी से किसी ए आर्य को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ टिकट देने का एलान किया था, उसे सपा अशोक आर्य बता रही है। ए आर्य यानी बुदनी में किसानों की लड़ाई लड़ रहे अनिल आर्य ने एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें समाजवादी पार्टी ने टिकट दिया है लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सत्ता से बाहर करने के लिए वे कांग्रेस पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। वे समाजवादी पार्टी का टिकट वापस कर देंगे। अब सपा दुविधा में है कि जिस ए आर्य को वह कल तक स्थानीय किसान नेता बता रही थी, उसका जीवन परिचय जानने के लिए उसे लखनऊ की तरफ तांकना पड़ रहा है। उसके पास अनिल आर्य को अशोक आर्य बताने के फौरी जवाब के अलावा कोई कुछ और कहने को नहीं है।
इधर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद राकेश सिंह के समक्ष रविवार को छिंदवाड़ा की कांग्रेस नेत्री श्रीमती पूर्णिमा वर्मा भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं। राकेश सिंह ने उनका मीडिया के सामने परिचय भी कराया। भाजपा की इस घोषणा के कुछ मिनिट बाद ही कांग्रेस सक्रिय हो गई। कांग्रेस की ओर से प्रवक्ताओं की फौज सक्रिय हो गई। कहा जाने लगा कि 2015 के नगर निगम चुनाव में महापौर का निर्दलीय चुनाव लड़ने पर पूर्णिमा को छह साल के लिए निकाल दिया गया था। उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी गई थी।

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