किसानों का दर्द समझता हूँ, उन्हें पसीने की पूरी कीमत दूँगा- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाजापुर जिले के कालापीपल में फसल बीमा राशि वितरण समारोह में कहा कि मैं किसानों का दर्द समझता हूँ। किसान अलग-अलग मौसम की मार झेलते हुए खेतों में मेहनत कर पसीना बहाता है। उन्होंने कहा कि मैं किसानों को उनकी मेहनत और पसीने की पूरी कीमत दूँगा। किसानों की मेहनत को व्यर्थ नहीं जाने दूँगा।

किसानों का बकाया बिजली बिल हुआ शून्य

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किसानों के विशाल जन-समूह को बताया कि बिजली बिल माफी योजना में किसानों का पुराना सभी बकाया बिजली बिल अब शून्य कर दिया गया है। अब किसानों को हर महीने 200 रुपये तक वास्तविक बिजली का बिल भुगतान करना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी 5 वर्ष के विकास की कार्य-योजना बनाने के लिये किसानों सहित समाज के सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किये जायेंगे। श्री चौहान ने इस मौके पर मुख्यमंत्री जन-कल्याण (संबल) योजना, सरल बिल योजना, बिजली बिल माफी योजना, भावांतर भुगतान योजना और कृषक समृद्धि योजना की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान भाई खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और अपने बच्चों को कृषि आधारित उद्योग स्थापित करने की दिशा में अग्रसर हों, राज्य सरकार हर कदम पर उनका साथ देगी।

मालवांचल की फसलों का पूरा पेटर्न बदल जायेगा

श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा के पानी को क्षिप्रा नदी में डालने का असंभव कार्य राज्य सरकार ने संभव कर दिखाया है। देवास, उज्जैन, शाजापुर और आगर जिलों में सिंचाई के लिये नर्मदा-कालीसिंध पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-गंभीर पार्ट-1 और पार्ट-2 तथा नर्मदा-मालवा-क्षिप्रा पार्ट-2 लिंक परियोजनाओं से सिंचाई की विस्तृत कार्य-योजना तैयार की गई है। योजना से विभिन्न चरणों में मालवांचल के 14 लाख 20 हजार एकड़ में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि सिंचाई की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित होने से अगले 5 साल में मालवांचल में फसलों का पूरा पेटर्न ही बदल जायेगा।

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