कांग्रेस की रिसर्च टीम ने भोपाल में डेरा डाला

 

विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की रिसर्च टीम अब मध्यप्रदेश में डेरा डालने जा रही है। टीम का मूल काम चुनाव के दौरान प्रदेश और विधानसभा क्षेत्रों के स्थानीय मुद्दों पर काम करना है। वहीं टीम नेताओं की क्षमता व काबिलियत पर भी काम करेगी कि किस नेता से क्या काम लिया जा सकता। इस टीम में आठ से 10 लोग शामिल रहेंगे, जिनमें से कुछ लोग भोपाल पहुंच चुके हैं।सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की रिसर्च टीम इस महीने में प्रदेश में अपना काम शुरू करने जा रही है। रिसर्च टीम जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों से निकले युवाओं के नेटवर्क वाली है। रिसर्च टीम मध्यप्रदेश में काम करने की रूपरेखा तैयार कर रही है। इसके लिए प्रदेश को जोन में बांटकर टीम सक्रिय होगी। एआईसीसी की रिसर्च टीम के संयुक्त सचिव डॉ. हर्षवर्द्धन श्याम और आकाश सत्यवली यहां पहुंच गए हैं। पूरी टीम के एक सप्ताह में भोपाल पहुंचने की संभावना है।

मुद्दे तलाशने की जिम्मेदारी दी
सूत्र बताते हैं कि टीम को विधानसभा चुनाव में प्रदेश और जिलों के मुद्दों को तलाशने की प्रमुख जिम्मेदारी दी गई। सरकार की योजनाओं का अध्ययन कर जिनके लिए योजनाएं बनाई गई हैं, उन तक लाभ पहुंचा या नहीं और जिन लोगों को लाभ मिला, उन्हें कितना हिस्सा पहुंचा, इस पर भी टीम काम करेगी। साथ ही सरकार की घोषणाओं और उनकी हकीकत पर नजर रखते हुए रणनीति बनाएगी।

जोन बांटकर तलाशेंगे स्थानीय मुद्दे
कांग्रेस की रिसर्च टीम प्रदेश को जोन में बांटकर काम करेगी। मप्र को पांच जोन में बांटे जाने की तैयारी है। इन जोन में एआईसीसी की टीम के सदस्य और प्रदेश से नियुक्ति युवाओं के माध्यम से विधानसभा क्षेत्रों में मुद्दों की तलाश की जाएगी। हर वर्ग के लोगों से मिलने के साथ ही स्थानीय नेताओं के साथ बैठकर टीम मुद्दे ढूंढ़ेगी।
नेताओं को काम देने में भी भूमिका

सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की इस टीम की एक भूमिका मप्र के नेताओं को उनकी क्षमता के मुताबिक काम दिलाने के लिए रिपोर्ट देने की भी होगी। टीम नेताओं के साथ बातचीत, उनकी प्रोफाइल का अध्ययन कर क्षमताओं का पता लगाकर पीसीसी को बताएगी, जिससे उनकी क्षमताओं का सही जगह इस्तेमाल हो सके।

जल्द काम शुरू करेगी टीम
रिसर्च टीम मध्यप्रदेश में पहुंच रही है और जल्द ही अपना काम शुरू करेगी। इसका सेटअप तैयार हो रहा है और दिल्ली की टीम के साथ मप्र के लोग भी काम करेंगे – डॉ. हर्षवर्द्धन श्याम, संयुक्त सचिव व प्रदेश प्रभारी, रिसर्च विभाग, एआईसीसी

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