अमृत संदेश के प्रधान संपादक गोविंदलाल वोरा का निधन

अमृत संदेश रायपुर एवं बिलासपुर के प्रधान संपादक गोविंदलाल वोरा का 13 मई की रात्रि में गुरूग्राम स्थित फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। 86 वर्षीय वोरा अविभाजित मध्यप्रदेश और वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के वरिष्ठतम पत्रकार थे। वे कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, सांसद मोतीलाल वोरा के अनुज थे।

वोरा को आज मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र गिरीश वोरा ने रायपुर में दी। वोरा अपने पीछे धर्मपत्नी प्रकाश वोरा, दो बेटे गिरीश वोरा और राजीव वोरा तथा तीन पुत्रियां और नाती-पोतों का भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। वोरा का जन्म 12 मार्च 1932 को मोहनलाल वोरा के  परिवार में हुआ था।

वोरा लगभग 28 साल से अधिक समय तक छत्तीसगढ़ के सर्वाधिक प्रसार वाले दैनिक नवभारत के संपादक तथा बाद में एमपी क्रानिकल रायपुर के संपादक भी रहे। 1984 में उन्होंने अपना स्वयं का समाचार-पत्र अमृत संदेश निकाला और जीवन पर्यंत उसके प्रधान संपादक रहे। श्रमजीवी पत्रकार के रूप में उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत की और अमृत संदेश में भी निरंतर सामयिक विषयों पर संपादकीय और टिप्पणियां लिखते रहे।
वोरा रायपुर में हिंदुस्तान टाइम्स, हिंदुस्तान और आकाशवाणी के संवाददाता भी रहे। वोरा भोपाल से प्रकाशित साप्ताहिक आमंत्रण के भी प्रधान संपादक थे। पत्रकारिता के साथ ही सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लेते थे। पत्रकारों से जुड़ी विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों से जुड़े रहे तथा मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ भोपाल के उपाध्यक्ष भी रहे।
वोरा ने अनेक देशों की यात्राएं की तथा मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के रोटरी क्लब के गर्वनर भी रहे। साहित्य का क्षेत्र भी अछूता नहीं रहा और छत्तीसगढ़ साहित्य सम्मेलन के वे अध्यक्ष भी रहे। उनके अनेक एकांकी तथा लेखों का प्रकाशन विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में हुआ। रविशंकर विश्‍वविद्यालय रायपुर के पत्रकारिता विभाग के संस्थापक विभागाध्यक्ष रहे। शिक्षा के क्षेत्र में गहरी रूचि रखने के कारण वे कई शिक्षण संस्थानों से जीवन पर्यंत जुड़े रहे।

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